आज विजयादशमी है.
मर्यादा पुरूषोत्तम राम (सत्य)की विजय का पर्व है। राम युद्ध के आकांक्षी नहीं हैं। बार-बार दूत भेजकर रावण को तरह-तरह से समझाने-मनाने के प्रयास करते हैं। युद्ध में किसी मर्यादा-परंपरा का उल्लंघन नहीं करते। रावण की अंतिम विदाई राजसी ठाठ से करवाते हैं, जीती हुई लंका में किसी भी व्यक्ति का अनादर नहीं करते। रावण के भाई को ही लंका राज्य सौंप देते हैं और उस राज्य से एक भी चीज साथ नही ले जाते हैं, सभी लंकावासी का दिल जीत लेते हैं। राम की इस महाविजय का महत्व सबको समझना चाहिए। समग्र विश्व मे ऐसी महाविजय महोत्सव मनाता है.निस्संदेह, विजयादशमी का महापर्व अपनी समग्रता में पूरे संसार के लिए युद्ध नहीं, बल्कि प्रेम और मर्यादा का संदेश छोड़ जाता है
टिप्पणी: आज दुनिया में कई देश अपने शत्रु देश को पूरी तरह तबाह करके खुद को वर्चस्व स्थापित करने के लिए युद्ध करते हैं.
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